webduniyahindi | Kaifi Azmi 101st Birthday:कैफ़ी आज़मी की 101वीं जयंती पर गूगल ने बनाया Doodle
1879
post-template-default,single,single-post,postid-1879,single-format-standard,ajax_fade,page_not_loaded,,qode-title-hidden,qode_grid_1300,hide_top_bar_on_mobile_header,qode-content-sidebar-responsive,qode-theme-ver-17.2,qode-theme-bridge,qode_header_in_grid,wpb-js-composer js-comp-ver-5.6,vc_responsive

Kaifi Azmi 101st Birthday:कैफ़ी आज़मी की 101वीं जयंती पर गूगल ने बनाया Doodle

कैफ़ी आज़मी की 101वीं जयंती पर गूगल ने बनाया Doodle

आज गूगल ने डूडल के जरिए देश के प्रसिद्ध कवि और गीतकार कैफी आजमी की 101वीं जयंती मनाई है।  आज गूगल ने अपने  डूडल को कैफी आजमी के नाम किया है जिसके जरिए कैफ़ी को याद किया है। गूगल अक्सर विश्व में अपना योगदान देने वालों को अपने डडूल के जरिए याद करता है और उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर एक अच्छा सा डूडल बनाता हैा

कैफ़ी  मशहूर शायर और गीतकार थे। उनकी  शेरो-शायरी की प्रतिभा बचपन से ही दिखाई देने लगी थी। कविता, बॉलीवुड गीतों और पटकथाएं लिखने में माहिर कैफी आजमी 20वीं सदी के प्रसिद्ध कवियों में से एक थे। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मिजवां गांव में 14 जनवरी 1919 को  जन्म हुआ था। कैफी आजमी ने अपनी पहली कविता महज 11 साल की उम्र में लिख दी थी।कैफ़ी 1942 में हुए महात्मा गांधी के भारत छोड़ा आंदोलन से प्रेरित थे.

पाकीज़ा के  चलते चलते, फिल्म अर्थ से कोइ ये कैसी बताए, ये दुनिया ये महफिल और उनकी अपनी कविता औरत जैसी प्रसिद्ध रचनाएं उर्दू भाषा और हिंदी भाषा  के रूप में याद की जाती हैं।

कैफी आजमी को कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। उन्हें 3 फिल्मफेयर अवार्ड, साहित्य और शिक्षा के लिए प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार भी मिल चुका है।

कैफी आजमी के पिता जमींदार थे। कैफ़ी के पिता हुसैन उन्हें ऊंची से ऊंची तालीम देना चाहते थे औरइसीलिए  उनका दाखिला उन्होंने लखनउ के प्रसिद्ध सेमिनरी सुल्तान उल मदारिस में कराया था। लेकिन कैफी आजमी के अंदर का शायर बचपन से  ही जिंदा था और 11 वर्ष की उम्र से हीं कैफी आजमी ने मुशायरों मे हिस्सा लेना शुरू कर दिया था जहा वे काफी मशहूर थे और उन्हें काफी दाद भी मिला करती थी।

कैफ़ी आज़मी के इस लेख पर अपनी टिप्पणी जरूर दें

 

कैफ़ी आज़मी , कैफ़ी आज़मी जयंती ,कैफ़ी आज़मी की रचना

Loading Facebook Comments ...
No Comments

Post A Comment