webduniyahindi | GST का बुरा असर ;दिल्ली के बड़े बजारो से कारोबारी गायब
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GST का बुरा असर ;दिल्ली के बड़े बजारो से कारोबारी गायब

GST का बुरा असर ;दिल्ली के बड़े बजारो से कारोबारी गायब

GST का बुरा असर ;दिल्ली के बड़े बजारो से कारोबारी गायब

देश में GST लागु होते ही इसके बुरे परिणाम देखने को मिल रहे हैं। दिल्ली के चांदनी चौक ,सदर और चावड़ी बाजार जैसे थोक मार्किट में बाहर से आने वाले खरीददार गायब लग रहे हैं जिससे कारोबारी परेशान नजर आ रहे हैं। इसके लिए कारोबारी GST की जटिलता को बता रहे हैं.कारोबारी बता रहे हैं ,रिटेल मार्किट में तो ग्राहक  आ रहे हैं लेकिन थोक बाजार में ग्राहक नहीं आ रहे.

 

थोक बाजार में कोई ग्राहक ना होने से बाजार में 80 से 90 प्रतिशत तक की कमी आ गयी है भारतीय उधोग व्यापर मंडल के जनरल सेक्रेटरी विजय प्रकाश का भी यही मानना है ,वे बताते हैं की जीएसटी की जटिलता के कारण ट्रांसपोर्ट्स भी माल बुक नहीं करा रहे। उनका कहना है की जीएसटी ट्रेडर्स फ्रेंडली नहीं है हमसे कहा गया गया था कि नई टैक्स व्यवस्था पारदर्शी और आसान होगी,लेकिन ये प्रक्रिया पहले से भी जटिल लग रही है.उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था विरोधाभासी है ,कपड़ा व्यापारियों ने तो अभी रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया है,और यह रोजाना 1500 करोड़ का बिज़नेस होता है।

इसी के साथ साथ चंडी चौक सर्व व्यापर मंडल के जनरल सेक्रेटरी संजय भार्गव के मुताबिक थोक मार्किट में सन्नाटा पसरा है,उन्होंने बताया की आम दिनों में इस कदर भीड़ होती थी कि गाड़ी से हाई कोर्ट पहुंचने में 45 से 50 मिनट लगते थे लेकिन वो सोमवार को 20 मिनट में ही कोर्ट पहुंच गए। भार्गव कहते है कि व्यापारियों को इस व्यवस्था को समझने में दिक्कते आ रही हैं।

उधर क्लॉथ ट्रेडर्स असोसिअशन के सुरेश बिंदल का कहना है कि जीएसटी लागु होने से ब्यापार एकदम घट गया है ,इसके विपरीत कन्फेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स के जॉइंट सेक्रेटरी प्रवीण खंडेलवाल की राय कुछ अलग है। उनका कहना है कि बाहर से आने वाले ग्राहक की आवाजाही पर कुछ खास फर्क नहीं है ,खरीददार नए बिलो को कुछ कोतुहल से जरूर देख रहे हैं ,कुछ मामलो में ऐसी समस्याएं जरूर आ रही हैं कि दुकानदार माल की बिक्री में CGST,SGST को अलग अलग ना करके GST के अनुसार ही टैक्स ले रहे हैं। अगर जीएसटी के अमल में प्रक्रियागत भूल हो जाये तो सरकार को उसे सुधारने के लिए नौ महीने का टाइम देना चाहिये

कुछ कारोबारियों को जीएसटी के मामले में गलती होने पर जेल जाने का डर भी सता रहा है ,उन्हें लगता है की ये टैक्स लाने से पहले सरकार को व्यापारियों को भी विश्वास में लेना चाहिए था

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