webduniyahindi | भाजपा कर रही है घटिया प्रचार
1597
post-template-default,single,single-post,postid-1597,single-format-standard,ajax_fade,page_not_loaded,,qode-title-hidden,qode_grid_1300,hide_top_bar_on_mobile_header,qode-content-sidebar-responsive,qode-theme-ver-17.2,qode-theme-bridge,qode_header_in_grid,wpb-js-composer js-comp-ver-5.6,vc_responsive

भाजपा कर रही है घटिया प्रचार

भाजपा कर रही है घटिया  प्रचार

  गुजरात चुनाव की एक सभा में मोदी जी अपने पुरे भाषण में ये सिद्ध करने की पूरी कोशिश करते रहे कि कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए पाकिस्तान का सहारा ले रही है ,जिसपर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि “अपनी चुनावी बहस में भारत,पाकिस्तान को घसीटना बंद करे। साजिश रचने के बजाए खुद की ताकत के आधार पर चुनाव जीतने चाहिए ” पाकिस्तान का ये जवाब भाजपा पर ना सिर्फ  एक करारा तमाचा है बल्कि उसके लिए ये एक सबक भी है कि भाजपा को अपनी ओछी राजनीती छोड़ देनी चाहिए जिससे ना सिर्फ भाजपा का नाम खराब हो रहा है बल्कि भारत को भी बदनामी झेलनी पड़ रही है। यद्यपि भाजपा ने भी जवाब दिया है कि भारत के आंतरिक मामलो में पाक की दखलंदाजी बर्दास्त नहीं की जाएगी। वह हमें नसीहत देने की कोशिश ना करे।

कुछ लोगों को भाजपा का ये जवाब पसंद आ सकता है लेकिन कोई भी बुद्धिजीवी इसे एक तर्कहीन और तथ्यहीन जवाब ही कहेगा क्योकि पाकिस्तान का नाम पहले आप इस्तेमाल कर रहे है,पाकिस्तान का अपने नाम के इस्तेमाल पर एतराज भारत के आंतरिक मामलों में दखल कैसे हो गया। अपने नाम के दुरुपयोग पर एतराज करना भला नसीहत कैसे हो गयी.

असलियत में आज मोदी जी और अमित शाह जी वही बातें कर रहे हैं जो वो दिल्ली और बिहार चुनाव  में कर चुके हैं। बिहार में अमित शाह जी ने कहा था कि अगर भाजपा हारी तो पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे। उसके बाद भाजपा हारी भी और पाकिस्तान में पटाखे भी नहीं फूटे ,और फ़ूटते भी क्यों ? क्या कोई भी समझदार इंसान मोदी जी की इस बात पर विस्वाश कर पायेगा कि कांग्रेस ,आप ,सपा ,बसपा ,जेडीयू या अन्य कोई पार्टी पाकिस्तान से मदद मांगेगी या पाकिस्तान से मिली हुई है।

आज पाकिस्तान ने बोला है, उससे पहले सेना भी कह चुकी है कि सेना का राजनीतिक प्रयोग ना किया जाये क्योंकि हम अपनी ड्यूटी करते रहते हैं.काश गाय भी बोल सकती और कहती कि जब आप मेरे लिए कुछ  कर नहीं सकते तो मेरा इस्तेमाल क्यों कर रहे हो ,काश राम मंदिर बोल सकता कि जब तुम मेरा दर्शन करने नहीं आ सकते तो मेरे नाम पे लोगो को गुमराह क्यों कर रहे हो ,काश भगवान राम साक्षात् दर्शन देते और कहते कि मेरे पाखंडी भक्तों काश मै तुम्हारा भी वध कर सकता।

सवाल सिर्फ आज के चुनावी भाषण का नहीं है ,सवाल ये है कि भाजपा जैसे बड़ी पार्टी को इतना औछा प्रचार करने की नौबत क्यों आन पड़ती है ,वो क्यों पाकिस्तान के साथ दूसरी पार्टियों के रिश्ते सिद्ध करना चाहते हैं,क्यों मंदिर मस्जिद का जिक्र कर रहे हैं ,बाबर और औरंगजेब का चुनाव से क्या वास्ता है,क्यों गोडसे को पूजनीय बनाना चाहते हैं,क्यों सरदार पटेल के वारिस बनने पर आमादा हैं ,क्यों गायों के नाम पर वोट मांग रहे है ,क्यों अपने गुजराती होने को अपना हथियार बना रहे हैं ,क्यों खुद को सेना का हिमायती सिद्ध कर रहे हैं ,हिन्दू मुस्लिम के नाम पर तुष्टिकरण की राजनीती कर रहे हैं, क्यों उन्हें ऐसे पोस्टर चिपकवाने पड़ रहे हैं जिनमे मुस्लिमो से ये अपील की गयी है कि अहमद पटेल को मुख्य मंत्री बनाने के लिए कांग्रेस को वोट दे। ,मतलब ये है कि हिन्दुओं को भाजपा को वोट करना चाहिए जिससे अहमद पटेल को मुख्य मंत्री बनने से रोका जा सके  ,जबकि कांग्रेस की तरफ से कभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई अहमद पटेल को मुख्य मंत्री बनाने के लिए।

उधर राहुल गाँधी भी काफी हद तक जातपात की राजनीती कर रहे है और जातियों के नाम पर लोगो को अपने पक्ष में लामबंद कर रहे हैं लेकिन वो भी एक सीमा और दायरे में कर रहे हैं। लेकिन निष्पक्ष नजरिये से उस राहुल गाँधी की बॉडी लैंग्वेज और भाषा में काफी सादगी और संयम नजर आ रहा  है जिसे भाजपा ने पप्पू कहकर नासमझ और नादान साबित करने की पुरजोर कोशिश की है।

राहुल गाँधी मोदी जी के विपरीत गुजराज के लोकल मुद्दों को छू रहे हैं ,वो किसानो ,मजदूरों ,व्यापारियों ,छात्रों  और महिलाओं में मुद्देबड़ी शिद्दत के साथ उठा रहे है.वे विकास ,शिक्षा ,रोजगार की बातें कर रहे हैं

क्या ऐसा नहीं हो सकता कि पार्टिया अपने अपने किये गए कामो का विवरण दे और पुराने वायदों पर जवाब दे कि कौन कौन से वादे पुरे हो गए और बाकि वदो की क्या स्थिति है।

दोस्तों लोकतंत्र में चुनाव भी होते हैं,प्रचार भी होता है और हार जीत भी होती हैं लेकिन सत्ता के लिए इतना भी गिरना चाहिए कि आप भविष्य से नजरें न मिला पाएं।

 

 

Loading Facebook Comments ...
No Comments

Post A Comment