webduniyahindi | देव उठनी एकादशी का महत्व और विवाह का महत्व, 31 अक्टूबर 2017
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देव उठनी एकादशी का महत्व और विवाह का महत्व, 31 अक्टूबर 2017

देव उठनी एकादशी का महत्व और  महत्व ,31 अक्टूबर 2017 

 

हिन्दू धर्म में देव उठनी ग्यास का बहुत महत्त्व माना जाता है इस दिन से चार माह पूर्व भगवन विष्णु शयन में गए थे और इन चार माह तक सभी शुभ काम जैसे शादी विवाह आदि मांगलिक कामों पर रोक लग गयी। इसके बाद देव उठनी ग्यास के दिन से सभी मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं।

इस एकादशी तुलसी का विवाह भी किया जाता है। तुलसी विवाह का हमारे हिन्दू धर्म में बहुत माना जाता है बहुत से स्थानों पर तुलसी विवाह पुरे धूम धाम से मनाया जाता है। इस एकादशी तुलसी का दान भी किया जाता है और कन्यादान सबसे बड़ा दान माना जाता है। इस बार यह एकादशी 31 अक्टूबर को पड़ रही है।

शास्त्रों के अनुसार देवउठनी एकादशी को भगवान् विष्णु के जागने पर सभी देवता उनकी पूजा करते हैं। इसलिए पृथ्वी वासियों को भी इस भगवान् विष्णु की पूजा अर्चना करनी चाहिए। पुराणों के अनुसार जो लोग इस एकादशी व्रत रखते हैं उनकी कई पीढ़ियां विष्णु लोक में स्थान प्राप्त करने योग्य बन जाते हैं।

 

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